राजनीतिक रणनीति तैयार करने वाली मशहूर सलाहकार कंपनी I-PAC (Indian Political Action Committee) एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कोलकाता में I-PAC और इसके प्रमुख प्रतीक जैन से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है।
छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं, जिससे इस पूरे मामले को और राजनीतिक रंग मिल गया। ED का दावा है कि कार्रवाई के दौरान पार्टी से जुड़े कुछ डिजिटल डेटा, हार्ड डिस्क और आंतरिक दस्तावेजों को हटाने की कोशिश की गई।
ममता बनर्जी का आरोप, I-PAC को बताया TMC का IT backbone
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन को तृणमूल कांग्रेस (TMC) का IT चीफ बताया और ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित करार दिया। उन्होंने कहा कि I-PAC ने 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में TMC के लिए रणनीतिक भूमिका निभाई थी।
क्या है I-PAC और कैसे करता है काम?
I-PAC का पूरा नाम Indian Political Action Committee है। इसकी शुरुआत साल 2013 में ‘Citizens for Accountable Governance (CAG)’ के रूप में हुई थी। यह संस्था देशभर की राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनावी रणनीति, जन-संपर्क अभियान और डेटा-आधारित राजनीतिक सलाह देती है।
I-PAC की वेबसाइट के अनुसार, संस्था ऐसे नेताओं के साथ काम करती है जिनका “प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड” हो और जो जनता-केंद्रित एजेंडे के साथ चुनावी मैदान में उतरते हैं।
किन-किन दलों के लिए कर चुका है काम?
I-PAC ने सबसे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में BJP के साथ काम किया था। इसके बाद यह संस्था कई राजनीतिक दलों से जुड़ी, जिनमें शामिल हैं:
-
कांग्रेस (पंजाब – कैप्टन दे नौ नुक्ते)
-
जेडीयू (नीतीश के 7 निश्चय)
-
तृणमूल कांग्रेस (दीदी की शपथ)
-
आम आदमी पार्टी (केजरीवाल की 10 गारंटियां)
हालांकि, कुछ राज्यों में I-PAC से जुड़ी पार्टियों को हार का भी सामना करना पड़ा।
प्रशांत किशोर से क्या है कनेक्शन?
राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर लंबे समय तक I-PAC का प्रमुख चेहरा रहे। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तक वे संस्था से जुड़े थे। बाद में उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए I-PAC से दूरी बना ली और जन सुराज पार्टी की शुरुआत की।
कौन हैं प्रतीक जैन?
प्रशांत किशोर के अलग होने के बाद I-PAC की कमान प्रतीक जैन, ऋषि राज सिंह और विनेश चंदेल के हाथों में है। इनमें प्रतीक जैन को सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता है।
-
प्रतीक जैन I-PAC के Co-Founder और Director हैं
-
2015 से संस्था से जुड़े हुए हैं
-
इससे पहले Deloitte में एनालिस्ट के तौर पर काम कर चुके हैं
-
IIT बॉम्बे से B.Tech
-
बंगाल की राजनीति की गहरी समझ मानी जाती है
-
मीडिया से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं
TMC नेताओं के अनुसार, आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव में पार्टी की पूरी रणनीतिक जिम्मेदारी प्रतीक जैन के कंधों पर है।
क्यों अहम है यह मामला?
I-PAC पर ED की छापेमारी सिर्फ एक जांच नहीं, बल्कि राजनीति और एजेंसियों के टकराव का नया अध्याय मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति और 2026 के चुनावी माहौल पर बड़ा असर डाल सकता है।