ईरान में बढ़ती हिंसा: सरकारी कार्रवाई के बीच और उग्र हुए विरोध प्रदर्शन, दुनिया भर से आ रही प्रतिक्रियाएं

Reuters

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार 14वें दिन भी जारी हैं और हालात दिन-ब-दिन और हिंसक होते जा रहे हैं। अब तक इन झड़पों में सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या प्रदर्शनकारियों की बताई जा रही है। विरोध प्रदर्शन पूरे देश के 100 से अधिक शहरों तक फैल चुके हैं, जिसके बाद सरकार ने सुरक्षा बलों को और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं तेज़ हो गई हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि “ईरान आज़ादी की ओर देख रहा है” और अमेरिका ईरानी जनता की मदद के लिए तैयार है।

प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश

ईरान के जनरल प्रॉसिक्यूटर मोहम्मद काज़ेम मोवाहेदी आज़ाद ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमे चलाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि दंगों में शामिल सभी लोगों पर “ख़ुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने” का आरोप लगाया जाएगा, जिसकी सज़ा मौत तक हो सकती है।

ख़ामेनेई का बयान और अटकलें

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “इंशाअल्लाह, बहुत जल्द अल्लाह ईरान के लोगों के दिलों में जीत का एहसास फैलाएगा।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि ख़ामेनेई को सत्ता में बदलाव की आशंका दिख रही है, जबकि समर्थक इसे शासन के प्रति भरोसा बनाए रखने का संदेश मान रहे हैं।

ट्रंप और यूरोप की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान पहले कभी इतनी शिद्दत से आज़ादी की ओर नहीं देख रहा था। अमेरिका उनकी मदद को तैयार है।”
वहीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी ईरान के प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि यूरोप ईरानी जनता के साथ खड़ा है और हिंसक दमन की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने जेल में बंद सभी प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की।

इंटरनेट बंद, उड़ानों पर असर

प्रदर्शनों के चलते ईरान में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा है। अमेरिका स्थित ऑर्गेनाइजेशन ऑफ ईरानियन अमेरिकन कम्युनिटीज़ ने व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन कर ईरानी सरकार को जवाबदेह ठहराने की मांग की है।

ईरान का पलटवार

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि वॉशिंगटन और इसराइल ईरान में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिमी देशों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं।

भारत में क्या कहा जा रहा है

भारत में भी ईरान की स्थिति को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जम्मू-कश्मीर पीडीपी के विधायक आगा सैयद मुंतज़िर ने कहा कि पश्चिमी मीडिया हालात को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका और उसके सहयोगियों का सत्ता परिवर्तन कराने का इतिहास रहा है।

भारतीय छात्रों की चिंता

ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों के परिवार भी चिंतित हैं। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अनुसार ईरान में लगभग 3,000 भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से बड़ी संख्या कश्मीर घाटी से है। इंटरनेट बंद होने के कारण कई परिवार अपने बच्चों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

दुनिया भर में समर्थन

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के समर्थन में ब्रिटेन, जर्मनी, अमेरिका, कनाडा, स्पेन और स्वीडन सहित कई देशों में प्रदर्शन हुए हैं। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट, स्पेन के मैड्रिड और अन्य शहरों में ईरानी समुदाय के लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, ईरान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

إرسال تعليق