वेनेज़ुएला के बाद ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नज़र, डेनमार्क ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

 


वॉशिंगटन/कोपेनहेगन। वेनेज़ुएला में ऑपरेशन के बाद अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने एक नया अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर अपना दावा दोहराते हुए कहा है कि सुरक्षा कारणों से अमेरिका को ग्रीनलैंड की ज़रूरत है। उनके इस बयान पर डेनमार्क ने तीखी आपत्ति जताई है।

एयरफ़ोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद अहम है और यूरोपीय संघ इस सच्चाई को जानता है। ट्रंप पहले भी कई बार ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात कह चुके हैं।

विवादित पोस्ट से बढ़ा तनाव

इस बयान के बाद विवाद तब और गहरा गया, जब ट्रंप प्रशासन में डिप्टी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ स्टीफ़न मिलर की पत्नी कैटी मिलर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ग्रीनलैंड को लेकर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे में दर्शाया गया था और उस पर सिर्फ़ एक शब्द लिखा था— ‘जल्द’

कैटी मिलर की यह पोस्ट वेनेज़ुएला ऑपरेशन के तुरंत बाद सामने आई, जिससे डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं में नाराज़गी और बढ़ गई।

डेनमार्क की सख़्त प्रतिक्रिया

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ़्रेडरिकसन ने इस पोस्ट और ट्रंप के बयान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अमेरिका से ग्रीनलैंड पर कब्ज़े को लेकर “धमकियां देना बंद करने” की अपील की और स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड न तो बिकाऊ है और न ही किसी अन्य देश की संपत्ति।

डेनमार्क सरकार ने दोहराया कि ग्रीनलैंड एक स्वायत्त क्षेत्र है और उसके भविष्य का फैसला केवल वहां की जनता ही कर सकती है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप प्रशासन से जुड़े बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में तनाव पैदा कर सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक सुरक्षा पहले से ही संवेदनशील दौर से गुजर रही है।

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